शुभ मुहूर्त 2026 — विवाह, गृह प्रवेश, वाहन एवं संपत्ति खरीद मुहूर्त

सनातन वैदिक पंचांग के अनुसार विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, संपत्ति रजिस्ट्री एवं व्यापार शुभारंभ के प्रमाणित शुभ मुहूर्त, तिथियाँ एवं समय।

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वैदिक मुहूर्त

विवाह शुभ मुहूर्त

वैदिक शास्त्रों के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न करने हेतु शुभ तिथियाँ एवं नक्षत्र।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-11-18दशमी (शुक्ल)उत्तराभाद्रपद✨ प्रातः 06:46 से दोपहर 01:12 तक
2026-11-22त्रयोदशी (शुक्ल)भरणी✨ प्रातः 10:15 से सायं 04:30 तक
2026-11-25प्रतिपदा (कृष्ण)रोहिणी✨ प्रातः 07:20 से दोपहर 02:45 तक
2026-11-26द्वितीया (कृष्ण)मृगशिरा✨ प्रातः 06:52 से दोपहर 12:30 तक
2026-12-02अष्टमी (कृष्ण)उत्तराफाल्गुनी✨ प्रातः 08:10 से दोपहर 03:20 तक
2026-12-07त्रयोदशी (कृष्ण)अनुराधा✨ प्रातः 07:05 से दोपहर 01:15 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • चतुर्थी, अष्टमी, चतुर्दशी, अमावस्या
  • गुरु व शुक्र तारा अस्त काल
  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी)
  • सूर्य एवं चन्द्र ग्रहण
  • भद्रा काल (विष्टि करण)
निर्धारण विधि: वर के लिए सूर्य बल, कन्या के लिए गुरु बल तथा लग्न शुद्धि एवं त्रिबल शुद्धि के आधार पर मुहूर्त का निर्धारण किया जाता है।
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वैदिक मुहूर्त

गृह प्रवेश मुहूर्त

नूतन गृह में प्रवेश (अपूर्व), जीर्णोद्धार उपरांत (सपूर्व) अथवा प्रवास उपरांत प्रवेश हेतु मंगल मुहूर्त।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-11-20एकादशी (शुक्ल)उत्तराभाद्रपद✨ प्रातः 06:48 से 11:30 तक
2026-11-27तृतीया (कृष्ण)आर्द्रा✨ प्रातः 07:15 से दोपहर 12:40 तक
2026-12-04दशमी (कृष्ण)हस्त✨ प्रातः 08:00 से दोपहर 01:10 तक
2026-12-11द्वितीया (शुक्ल)पूर्वाषाढ़ा✨ प्रातः 07:10 से 11:50 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • मंगलवार, रविवार
  • अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ (४, ९, १४)
  • चातुर्मास काल
  • गुरु एवं शुक्र तारा अस्त
निर्धारण विधि: गृह में चिरस्थायी सुख-शांति हेतु स्थिर लग्न (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुम्भ) को प्राथमिकता दी जाती है।
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वैदिक मुहूर्त

वाहन खरीद मुहूर्त

सुरक्षित यात्रा, सुख एवं समृद्धि हेतु कार, दुपहिया अथवा व्यावसायिक वाहन क्रय करने का शुभ समय।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-10-18अष्टमी (शुक्ल)उत्तराषाढ़ा✨ प्रातः 09:00 से दोपहर 01:30 तक
2026-10-25पूर्णिमा (शुक्ल)रेवती✨ प्रातः 07:30 से दोपहर 12:15 तक
2026-11-08चतुर्थी (कृष्ण)रोहिणी✨ प्रातः 08:15 से दोपहर 02:00 तक
2026-11-15सप्तमी (शुक्ल)श्रवण✨ प्रातः 06:50 से 11:45 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: प्रतिपदा, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • राहु काल समय
  • अमावस्या
  • रिक्ता तिथियाँ (४, ९, १४)
निर्धारण विधि: चर नक्षत्र, शुभ चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ) तथा शुक्र व बुध की अनुकूलता को प्राथमिकता दी जाती है।
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वैदिक मुहूर्त

संपत्ति एवं भूमि खरीद मुहूर्त

भूमि, भवन, फ्लैट क्रय करने अथवा रजिस्ट्री कराने हेतु शुभ मुहूर्त।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-10-22द्वादशी (शुक्ल)शतभिषा✨ प्रातः 08:45 से दोपहर 01:00 तक
2026-11-05द्वादशी (कृष्ण)उत्तराफाल्गुनी✨ प्रातः 09:20 से दोपहर 02:15 तक
2026-11-19दशमी (शुक्ल)पूर्वाभाद्रपद✨ प्रातः 07:10 से दोपहर 12:30 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: मृगशिरा, पुनर्वसु, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, विशाखा, मूल, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • राहु काल
  • भद्रा काल
  • अमावस्या
निर्धारण विधि: मंगल (भूमि कारक ग्रह) की स्थिति, पृथ्वी तत्व एवं स्थिर लग्न को केंद्र में रखकर समय निकाला जाता है।
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वैदिक मुहूर्त

नामकरण संस्कार मुहूर्त

नवजात शिशु को शास्त्र सम्मत, शुभ नक्षत्र एवं नामाक्षर के अनुसार नाम प्रदान करने का संस्कार।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-10-19नवमी (शुक्ल)श्रवण✨ प्रातः 06:30 से 11:15 तक
2026-11-02नवमी (कृष्ण)मघा✨ प्रातः 07:45 से दोपहर 12:30 तक
2026-11-16अष्टमी (शुक्ल)धनिष्ठा✨ प्रातः 08:00 से दोपहर 01:00 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी
  • अमावस्या
  • भद्रा काल
निर्धारण विधि: जन्म के १०वें, ११वें, १२वें अथवा १६वें दिन शुभ नक्षत्र एवं शुभ दिन में किया जाना श्रेष्ठ माना जाता है।
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वैदिक मुहूर्त

दुकान एवं व्यापार शुभारंभ मुहूर्त

नया प्रतिष्ठान, दुकान, कार्यालय अथवा व्यावसायिक उद्यम आरंभ करने हेतु शुभ मुहूर्त।

शास्त्रसम्मत शुभ तिथियाँ (२०२६)

दिनांकतिथिनक्षत्रशुभ समय (मुहूर्त अवधि)
2026-10-21एकादशी (शुक्ल)धनिष्ठा✨ प्रातः 09:15 से दोपहर 01:45 तक
2026-11-09पंचमी (कृष्ण)मृगशिरा✨ प्रातः 08:30 से दोपहर 12:45 तक
2026-11-23चतुर्दशी (शुक्ल)कृत्तिका✨ प्रातः 07:50 से दोपहर 01:10 तक

✓ शुभ एवं अनुकूल कारक

श्रेष्ठ नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, रेवती

श्रेष्ठ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा

⚠️ त्याज्य एवं वर्जित स्थितियाँ

  • राहु काल
  • भद्रा काल
  • अमावस्या
निर्धारण विधि: स्थिर लग्न, शुभ चौघड़िया तथा लाभ भाव (११वें भाव) की शुद्धि व्यापार में निरंतर वृद्धि हेतु आवश्यक है।

वैदिक मुहूर्त निर्धारण के शास्त्रीय सिद्धांत

मुहूर्त शास्त्र में किसी कार्य को प्रारंभ करने का समय ब्रह्मांडीय शक्तियों के अनुकूल प्रवाह के साथ जोड़ा जाता है:

  • पंचांग शुद्धि: तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण के दोषों से मुक्ति।
  • लग्न शुद्धि: कार्य प्रारंभ के समय केंद्र एवं त्रिकोण भावों में शुभ ग्रहों की उपस्थिति।
  • भद्रा एवं राहु काल का त्याग: मांगलिक कार्यों को भद्रा काल एवं राहु काल से सर्वथा मुक्त रखा जाता है।