भाद्रपद (कृष्ण अष्टमी)योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था।

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प्रमाणित मुहूर्त

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त (२०२६)

दिनांक (२०२६)2026-09-04
शुभ पूजा समयनिशीथ काल: रात्रि 11:58 से 12:44 (5 सितंबर)
प्रदोष कालसायं 06:40 से 08:58 तक
शुभ लग्नवृषभ लग्न

आगामी वर्षों की तिथियाँ (२०२५ - २०२७)

वर्षपर्व दिनांकतिथि एवं मास
२०२५2025-08-16भाद्रपद (कृष्ण अष्टमी)
२०२६ (वर्तमान वर्ष)2026-09-04भाद्रपद (कृष्ण अष्टमी)
२०२७2027-08-25भाद्रपद (कृष्ण अष्टमी)

धार्मिक महत्व एवं पौराणिक कथा

श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर मध्यरात्रि ठीक १२ बजे लड्डू गोपाल का खीरे से प्राकट्य कराकर पंचामृत अभिषेक करते हैं और माखन-मिश्री का प्रिय भोग लगाते हैं।

सरल एवं शास्त्रोक्त पूजा विधि

  1. दिनभर व्रत का पालन करें और सात्विक भाव रखें।
  2. लड्डू गोपाल के लिए सुंदर पालना (झूला) फूलों से सजाएं।
  3. मध्यरात्रि १२ बजे खीरे से बालकृष्ण का प्राकट्य कराएं।
  4. शंख में गंगाजल व पंचामृत भरकर भगवान का अभिषेक करें।
  5. नए सुंदर वस्त्र, मोर मुकुट, बांसुरी एवं वैजयंती माला धारण कराएं।
  6. पालने में विराजमान कर श्रद्धा से झूला झुलाएं।
  7. तुलसी दल युक्त ताजा माखन, मिश्री, धनिया पंजीरी का भोग लगाएं।
  8. आरती कर शंख ध्वनि करें और प्रसाद ग्रहण कर पारण करें।

आवश्यक पूजन सामग्री सूची

✓लड्डू गोपाल जी की प्रतिमा व झूला
✓डंठल वाला खीरा
✓मोर पंख एवं छोटी बांसुरी
✓पंचामृत एवं गंगाजल
✓ताजा सफेद मक्खन एवं मिश्री
✓तुलसी दल
✓धनिया पंजीरी

पूजन एवं ध्यान हेतु पवित्र मंत्र

श्रीकृष्ण महामंत्र

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥

सरल भावार्थ: O all-attractive Lord Krishna, O source of all supreme pleasure Lord Rama, engage me in your transcendental loving service.

❓ जिज्ञासा एवं समाधान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री का भोग क्यों लगाया जाता है?

माखन हृदय के शुद्ध मंथन से उत्पन्न भक्ति का प्रतीक है और मिश्री प्रेम की मिठास है। बालकृष्ण को ब्रज में माखन अत्यंत प्रिय था।